प्लास्टिक की सड़कें ! ये हैं इंडिया के प्लास्टिक मैन.


Plastic roads in India made by professor Rajgopalan Vasudevan hindicalling.com



प्लास्टिक की सड़कें ! ये हैं इंडिया के प्लास्टिक मैन.



प्रिय रीडर्स आज Hindi Calling .Com के इस पोस्ट में हम बात करेंगे कि कैसे एक भारतीय वैज्ञानिक ने प्लास्टिक के वेस्ट बैग्स से और प्लास्टिक कचरे से भारत के 11 राज्यों में सड़कों का निर्माण करा डाला ।

आजकल स्नैक्स मिलेगा प्लास्टिक में, खाने की पैकिंग प्लास्टिक में सब्जी की पैकिंग, कपड़ों की पैकिंग मतलब हर चीज़ की पैकिंग प्लास्टिक में ही हो रही है. प्लास्टिक पर बढ़ती निर्भरता हमारे लिए खतरे की घंटी से कम नही है, ज़मीन पर रहने वाले हों या पानी के जीव सबको प्लास्टिक से बड़ा नुकसान झेलना पड़ता है, क्योंकि प्लास्टिक Non-Biodegrable solid waste है. पर हम प्लास्टिक वेस्ट से छुटकारा पाने के लिए कितना सोंचते हैं ये एक चर्चा का विषय है. मेरे हिसाब से जो लोग प्लास्टिक से भविष्य में होने वाले भयंकर दुष्परिणामों और वर्तमान में इससे होने वाले नुकसान को अच्छे से समझते हैं, वो लोग प्लास्टिक का उपयोग कम से कम ही करते हैं और दूसरों को भी इसका उपयोग कम करने की सलाह देते हैं.

भारत सरकार ने भी प्लास्टिक से हो रहे दुष्परिणामों को कम करने के लिए और लोगों को इस विषय में जागरूक करने के लिए देशभर में अभियान चला रही है, जिससे लोग प्लास्टिक बैग का उपयोग न करें या कम करें. भारत में आज काफी संख्या में लोग बढ़चढ़ के हिस्सा ले रहे हैं, और प्लास्टिक बैग्स और बोतल का विकल्प इस्तेमाल कर रहें हैं. लोग अब प्लास्टिक को Recycle करने के बारे में सोच रहे हैं की किस तरह वेस्ट प्लास्टिक रीसायकल के लिए जा सकती है, प्लास्टिक बैग्स या वेस्ट प्लास्टिक को कचरे में न फेक कर उसे वहां दे देना चाहिए जहाँ पर प्लास्टिक को रीसायकल करके फिर से उससे नये प्रोडक्ट बनाकर फिर से इस्तेमाल में लाया जाता है.

ये सभी उपाय प्लास्टिक वेस्ट को कम करने के बेशक अच्छे उपाय हैं, लेकिन एक शख्स ऐसे हैं जिन्होंने प्लास्टिक वेस्ट से छुटकारा पाने के लिए सोंचा एकदम अलग तरीका इन्होने वेस्ट प्लास्टिक से बनाई सड़कें वो भी बिना प्रदूषण फैलाये. इनका नाम है प्रोफेसर राजगोपालन वासुदेवन और ये हैं हमारे प्लास्टिक मैन.

साल 2001 में तामिलनाडू के मदुरई में स्थित त्यागराजन यूनिवर्सिटी के रसायन विज्ञान डिपार्टमेंट के डीन और प्रोफेसर राजगोपालन वासुदेवन जी ने अपनी केमिस्ट्री लैब में ये एक्सपेरिमेंट किया जिसमे उन्होंने पाया की बिटुमिन और प्लास्टिक का बांड रोड्स को ज्यादा मजबूती दे सकता है, एक सिंगल लेन की एक किलोमीटर सड़क बनाने में सामान्यतः 10 टन बिटुमिन इस्तेमाल होता है, लेकिन हमारे प्लास्टिक मैन यूज़ करतें हैं 9 टन बिटुमिन और 1 टन प्लास्टिक, राजगोपालन सर बताते हैं की 1 टन प्लास्टिक मतलब 10 लाख कैरी बैग्स. जो प्लास्टिक्स बैग्स डिकम्पोज़ होने में 1000 साल लगा देतें हैं उससे सड़कें बना कर पर्यावरण की भी हेल्प हो रही है.



Plastic roads in India made by professor Rajgopalan Vasudevan hindicalling.com



प्लास्टिक रोड को बनाने की प्रक्रिया इस प्रकार है -

सबसे पहले सड़क बनाने वाले पत्थर को 170 'C तक गरम करते हैं. फिर वेस्ट प्लास्टिक को छोटे छोटे टुकड़ों में करके गरम पत्थरों में मिलाते हैं फिर प्लास्टिक 30 सेकंड में ही पिघलकर गरम पत्थरों से बाइंड हो जाता है. फिर इसमें बिटुमिन मिलाते हैं जो 160 'C तक गरम है और वो मिक्स तैयार हो जाता है जिससे प्लास्टिक की सड़कें बनती हैं.

प्लास्टिक सड़कों के फायदे –


  1. प्लास्टिक सड़कें ज्यादा पहियों के वाहन का भार आसानी से सह सकती हैं.

 2. इन सड़कों में पानी का रिसाव नहीं होता, जिससे रोड में गड्ढे नहीं होते.

 3. 10 साल तक Maintenance यानि मरम्मत की जरुरत नहीं पड़ती.

 4. और सबसे जरुरी की प्लास्टिक डिस्पोस करने का सबसे बेहतरीन और उम्दा तरीका है.

 5. भारत सरकार हर साल सड़कों की मरम्मत में लगभग 300 करोड़ रुपये खर्च करती है, प्लास्टिक सड़कों         की वजह से ये खर्च बच सकता है.

राजगोपालन सर और प्लास्टिक सड़क से जुड़ी कुछ खास बातें –

       1. राजगोपालन सर ने अपनी इस टेक्नोलॉजी को अपनी यूनिवर्सिटी के नाम पर पेटेंट भी कराया है.

  2· राजगोपालन जी ने अपनी इस खोज को भारत सरकार को बिना कीमत लिए दे दिया है.

  3· आज भारत के 11 राज्यों में करीब 1,00,000 किलोमीटर प्लास्टिक रोड इनके सुपरविज़न में बन चुकी हैं.

  4· राजगोपालन सर न सिर्फ प्लास्टिक बैग्स बल्कि प्लास्टिक बोतल से छुटकारा पाने के उपाये खोज रहें हैं,         और फ़िलहाल कम कर रहे हैं प्लासटोन पर.

फाइनल वर्ड्स – 

प्लास्टिक रोड्स एक ऐसा इन्वेंशन है जो बदल रहा है पृथ्वी का भविष्य, एक ऐसी पहेल जो ख़त्म कर देगी प्लास्टिक डिस्पोजेबल की टेंशन. स्वच्छ भारत अभियान और मेक इन इंडिया, राजगोपालन सर की इन्वेंशन ने इन दोनों मिशन को पूरा किया है. और ये सब मुमकिन हो पाया है राजगोपालन सर की कड़ी महनत और क्रिएटिविटी की वजह से.
शुभकामनाओं के साथ आपका मित्र Raju Gautam .


फ्रेंड्स अगर आपको मेरा ये आर्टिकल अच्छा लगा तो कृपया कमेन्ट  के माध्यम से मुझे बताएं. और इसे अपने दोस्तों के साथ
 WhatsappFacebookTwitter, और Google+ पर अधिक से अधिक शेयर करें ।

यदि आप अपना कोई आर्टिकल, Inspirational story, कविता या कोई जानकारी जो हिंदी में हो और Hindi 

Calling.Com में आप हमारे साथ शेयर  करना चाहते हैं, तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें.

हमारी Email Id है
hindicalling@gmail.com पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ HindiCalling.Com में Publish करेंगे.


Thank You.



प्लास्टिक की सड़कें ! ये हैं इंडिया के प्लास्टिक मैन. प्लास्टिक की सड़कें ! ये हैं इंडिया के प्लास्टिक मैन. Reviewed by Raju Gautam on 1:34 am Rating: 5

कोई टिप्पणी नहीं:

Blogger द्वारा संचालित.