शेयर मार्केट या शेयर बाज़ार क्या होता है? और उसमे ट्रेडिंग कैसे होती है?

शेयर मार्केट क्या होता है और उसमे ट्रेडिंग कैसे होती है? What is share market and how it works?


शेयर मार्केट या स्टॉक मार्केट क्या है? What is Share market and how it works?


नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका Hindi Calling में और आज हम बात करेंगे शेयर मार्केट या स्टॉक मार्केट के बारे में. दोस्तों मुख्यतः आज मैं तीन पॉइंट डिस्कस करने वाला हूँ –

1. शेयर क्या है? What is Share?

2. शेयर मार्केट या शेयर बाज़ार क्या होता है और उसमे ट्रेडिंग कैसे होती है? What is share market and how it works?

3. स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग करने के लिए हमें किन चीजों की जरुरत होती है? Basic things need to start trading in stock market.


(1). शेयर क्या है? What is Share?

दोस्तों किसी भी बड़े बिज़नेस को स्टार्ट करने या ग्रो करने के लिए कैपिटल यानि पैसे की जरुरत होती है, और वो भी  बहुत सारे पैसे जिसके लिए कंपनी के छोटे – छोटे हिस्से कर दिए जाते हैं जिसे हम शेयर्स कहते हैं. और उन्हें पब्लिक को बेच दिया जाता है. उदाहरण के लिए –

मान लीजिये एक बिजनेसमैन हैं मिस्टर गुप्ता इनकी एक कंपनी है जिसका नाम है ABC. जिसकी वैल्यू है 50 लाख रुपये. और ये अपने बिज़नेस को ग्रो करना चाहते हैं जिसके लिए इन्हें 40 लाख रुपये की और जरुरत है. और मिस्टर गुप्ता जी के पास इतने पैसे नहीं है. तो वो अपनी कंपनी के 4 लाख शेयर 10 रुपये प्रति शेयर की फेस वैल्यू के साथ मार्केट में इशू कर देंगे. दोस्तों फेस वैल्यू कंपनी को शेयर इशू करने से पहले डिवाइड करनी पड़ती है जो जेनरली 10 रुपये प्रति शेयर होती है.

अब जो पब्लिक है वो ABC कंपनी के शेयर खरीदेगी और मिस्टर गुप्ता जी को 40 लाख रुपये मिल जायेंगे बिज़नेस की ग्रोथ के लिए. और जो शेयर होल्डर्स हैं उन्हें मिल जाएगी कंपनी की हिस्सेदारी. पर इसमें जो शेयर होल्डर्स हैं उनको फायदा कैसे होगा? क्या उन्हें कंपनी प्रॉफिट देती है? इसके बारे में दोस्तों आगे बात करेंगे पहले हम जान लेते हैं की शेयर मार्केट या शेयर बाज़ार क्या होता है और उसमे ट्रेडिंग कैसे होती है?



(2). शेयर मार्केट क्या है? What is Share Market?

दोस्तों जैसे आपको कुछ खरीदना होता है तो आप मार्केट में जाते हैं वैसे ही शेयर की बाइंग एंड सेलिंग के लिए भी मार्केट्स होती हैं. दोस्तों पहले के ज़माने में जब कंप्यूटर एंड इंटरनेट इतना यूज़ नहीं किया जाता था, जो शेयर्स की खरीद और बिक्री है वो फिजिकली होती थी. नीलामी और जो बोली लगती थी शेयर्स की. लेकिन आज के टाइम पे जब इंटरनेट का इतना ज्यादा यूज़ होने लग गया है तो ये सारा सिस्टम ऑनलाइन हो गया है. अब घर में बैठ के भी शेयर्स की खरीद और बिक्री को कर सकते हैं.

दोस्तों जो दो बहुत ही पोपुलर मार्केट्स हैं वो हैं – 1. NSE – National Stock Exchange (नेशनल स्टॉक एक्सचेंज) Delhi 2. BSE – Bombay Stock Exchange (बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज) Mumbai दोस्तों ये दो बहुत ही पोपुलर मार्केट्स हैं जिनके अंदर सबसे ज्यादा खरीद और बिक्री होती है शेयर्स की. और इसके अलावा भी कई और मार्केट्स हैं जैसे कोलकाता स्टॉक एक्सचेंज भी है पर सबसे ज्यादा पोपुलर हैं वो यही हैं NSE और BSE.


दोस्तों जितनी भी कम्पनीज़ हैं जो शेयर्स इशू करती हैं उनको पहले अपने आपको इन मार्केट्स में रजिस्टर करवाना पड़ता है. दोस्तों NSE में 1700 कम्पनीज़ लिस्टेड हैं और BSE में 5400 कम्पनीज़ लिस्टेड हैं. दोस्तों नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के रिलेटिव जो उतर चढ़ाव होते हैं उन्हें हम कहते हैं NIFTY और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के अन्दर जो उतर चढ़ाव होते हैं उन्हें हम कहते हैं SENSEX इसके बारे में अपने सुना भी होगा. दोस्तों सेबी (Security Exchange Board Of India) ने कुछ गाइडलाइन्स इशू किये हैं उन गाइडलाइन्स के आधार पे ही जो Investment है और जो स्टॉक एक्सचेंज शेयर्स की ट्रेडिंग है वो इन मार्केट्स में होती है. 



शेयर मार्केट क्या होता है और उसमे ट्रेडिंग कैसे होती है? What is share market and how it works?


तो चलिए दोस्तों देखते हैं की बेसिकली ये जो शेयर मार्केट है वो कैसे काम करता है? How Share Market Morks? या शेयर मार्केट में ट्रेडिंग कैसे होती है.

दोस्तों मान लीजिये जैसे कोई पर्सन शेयर्स खरीदना चाहता हैं और उसको शेयर्स और स्टॉक्स की ज्यादा नॉलेज नहीं है की कौन सी कंपनी में इन्वेस्ट करना चाहिए और कौन सी कंपनी में इन्वेस्ट नहीं करना चाहिए तो उसको स्टॉक एक्सचेंज के फाइनेंसियल ब्रोकर से कांटेक्ट करना पड़ेगा. दोस्तों फाइनेंसियल ब्रोकर वो लोग होतें हैं जो शेयर मार्केट के लिए काम करते हैं एक एम्प्लोयी की तरह उनका इसमें कमीशन होता है. दोस्तों फाइनेंसियल ब्रोकर आपको एडवाइस देने का काम करते हैं और आपके लिए शेयर्स की खरीद और बिक्री का भी काम करते हैं और बदले में आपसे कमीशन लेते हैं.


दोस्तों ज्यादातर लोग जब वो स्टॉक ट्रेडिंग स्टार्ट करते हैं तो वो फाइनेंसियल ब्रोकर की ही हेल्प लेते हैं क्योंकि उनको इतनी जानकारी नहीं होती है इसके बारे में. एक बेहतर ऑप्शन होता है की आप फाइनेंसियल ब्रोकर की हेल्प लें.अगर दोस्तों आपको सारी नॉलेज है मार्केट के बारे में तो आप डायरेक्टली कम्पनी से शेयर परचेस कर सकते हैं और आपको फाइनेंसियल ब्रोकर को कमीशन नहीं देना पड़ेगा. तो दोस्तों ऐसे ही बेसिकली शेयर मार्केट काम करता है



शेयर होल्डर्स शेयर ट्रेडिंग में प्रॉफिट कैसे कमाते हैं?

दोस्तों जब एक पर्सन किसी कंपनी के शेयर्स खरीदता है तो उसमे कोई लिमिट नहीं होती है. आप एक छोटे अमाउंट से भी स्टार्ट कर सकते हैं लाइक 500 रुपये से भी स्टार्ट कर सकते हैं और करोड़ों तक कर सकते हैं. उसी हिसाब से दोस्तों जो ओनरशिप राइट्स हैं और जो बहुत तरह के राइट्स हैं वो उन्ही शेयर होल्डर्स को मिलते हैं उनका शेयर का प्रपोसन है उसके हिसाब से.

एक example से समझतें हैं दोस्तों जो एक कंपनी का छोटा सा हिस्सा खरीदते हैं तो वो लोग उससे कैसे प्रॉफिट कमाते हैं? जैसे दोस्तों अपने किसी कंपनी के 1000 शेयर्स खरीदें 10 रुपये के हिसाब से 10,000/- में अब सपोस कीजिये कंपनी को अगले एक महीने में अच्छा प्रॉफिट हुआ तो क्या कंपनी आपको उसमे से हिस्सा देगी ? जी नहीं. तो आप प्रॉफिट कैसे कमाएंगे?

दोस्तों जब कंपनी को प्रॉफिट होता है तो शेयर्स की मार्केट वैल्यू है उसकी फेस वैल्यू से बढ़ जाती है. suppose उसकी फेस वैल्यू थी 10 तो उसकी मार्केट वैल्यू 11 हो जाएगी तो जहाँ पर आपने उसको 10 रुपये में ख़रीदा था और अब उसकी मार्केट वैल्यू 11 हो गई है तो अब अगर आप उसको 11 रुपये में बेचना चाहेंगे तो आपको 1000/- रुपये का प्रॉफिट हो जायेगा क्योंकि अपने 1000 शेयर ख़रीदे थे. तो इस तरह से दोस्तों खरीद और बिक्री में प्रॉफिट कमाया जाता है शेयर ट्रेडिंग के अंदर. शेयर मार्केट या शेयर बाज़ार क्या होता है और उसमे ट्रेडिंग कैसे होती है?

दोस्तों शेयर ट्रेडिंग में मुख्यतः ऐसे ही पैसे कमाए जाते हैं पर दोस्तों कुछ लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट भी होती हैं शेयर मार्केट में जैसे म्यूच्यूअल फण्ड आदि लेकिन दोस्तों मोस्टली शेयर ट्रेडिंग में ऐसे ही जो शेयर होल्डर्स हैं वो पैसा कमाते हैं रोज़ के रोज़ शेयर्स ख़रीदे जाते हैं रोज़ के रोज़ बेचे जातें है जब उनके दाम बढ़ जाते हैं.




शेयर ट्रेडिंग में मुख्यतः ऐसे ही पैसे कमाए जाते हैं



और जिस तरह से शेयर होल्डर्स को प्रॉफिट होता है वैसे ही अगर कंपनी को घाटा हो गया तो जो मार्केट वैल्यू है वो कम हो जाती है उसकी कम वैल्यू पर उसको बेच देतें हैं तो शेयर होल्डर्स को घटा होता है. इसी तरह प्रॉफिट एंड लोस का सिस्टम काम करता है.



(3). स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग करने के लिए हमें किन चीजों की जरुरत होती है? Basic things need to start trading in stock market.

चलिए अब दोस्तों स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग स्टार्ट करने के लिए किन किन चीजों की जरुरत पड़ती है. दोस्तों इसमें पहले जरुरत पड़ती है एक सेविंग बैंक अकाउंट की उसको हमें अपने डीमेट अकाउंट से लिंक करना पड़ता है जिसमे हम अपने स्टॉक्स की डिटेल्स देख पाएंगे ऑनलाइन कहीं से भी एक ट्रेडिंग अकाउंट जिसमे हम शेयर्स की सेल परचेस की ट्रांजक्सन को कर पाएंगे. और हमें जो प्रॉफिट एंड लोस हो रहा है वो हमारे डीमेट अकाउंट में शो हो जाती है.

मान लीजिये की हमें प्रॉफिट हो रहा है तो वो हमारे डीमेट अकाउंट में ट्रान्सफर हो जाता है और हम उस प्रॉफिट को डीमेट अकाउंट से अपने सेविंग्स अकाउंट में ट्रान्सफर कर सकते हैं. तो दोस्तों इन्ही चीजों की जरुरत होती है स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग करने के लिए और एक बहुत इम्पोर्टेन्ट चीज़ है दोस्तों वो है नॉलेज.


शुभकामनाओं के साथ आपका मित्र Raju Gautam .


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शेयर मार्केट या शेयर बाज़ार क्या होता है? और उसमे ट्रेडिंग कैसे होती है? शेयर मार्केट या शेयर बाज़ार क्या होता है? और उसमे ट्रेडिंग कैसे होती है? Reviewed by Raju Gautam on 12:27 am Rating: 5

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